..

..

Sunday, June 30, 2019

दफ्तरखॅॉ, लखनऊ


याद आते हैं दफ़्तर के वो दिन,
जब सुबह पहुँच कर मस्टर पर क्रॉस लगाया करती थी  
रोज़ लेट आने वालों को फटकार भी लगाया करती थी

जब फ़ाइल के बीच झुँझला सी जाती 
और चेम्बर में एक के बाद एक कर्मचारियों की भीड़ बढ़ती जाती
जब एक मिनट भी सर उठाने की फ़ुर्सत ना थी
जब काम के बीच साँस लेने की भी ख़बर ना थी

जब सर के फ़ोन आने पर धड़कन थी बढ़ जाती
और डाँट खाते खाते बौखला सी मैं जाती 
जब लंच के समय दोस्तों के साथ कभी ठहाके लगाती
कभी कार्यप्रणाली देख कर सर पकड़ बैठ जाती 
जब हज़ारों साइन करते करते मुरझा सी मैं जाती 

‘शाबाश’ सुनने को कान थे तरस जाते 
जितना करो वो कम है ऐसा सब बतलाते

हाँ दीमक की उन फ़ाइल को मैंने भी नरम किया है 
आँसू की एक दो बूँद से फ़ाइल को गीला किया है

आज भी उस दफ़्तर में मेरी यादें होंगी 
कहीं किसी कोने में मेरी निशानी होगी 
आज भी किसी दीवार पर मेरा नाम लिखा होगा
किसी का कुछ भला किया भी फ़ाइल में दर्ज होगा 

पर ये सब कल की बात लगती है
चलते चलते बहुत दूर आ गई यही सच्चाई लगती है
ना जाने फिर भी सब ठहरा सा क्यूँ लगता है 
जो बीत गया वही सच्चा नाता लगता है 
नई जगह नये लोग सब पराए लगते हैं 
वो बीते हुए पल ही सबसे अच्छे लगते हैं

शायद किसी मोड़ पर फिर मुलाक़ात होगी
नसीब में हुआ तो एक बार फिर वही शाम होगी
शायद मिलेंगे हम फिर उसी गलियारे में 
जहाँ चलना सीखा था, दौड़ना सीखा था,लड़ना सीखा था
पर शायद बदल चुका होगा तब काफ़ी कुछ 
थोड़ी मैं भी और थोड़ा अजनबी से हो जाओगे तुम भी कुछ।

18 comments:

Vijay Prakash Kumawat said...

Waah.. waah.. !! Great..

Chandan Chhaparia said...

Wow!!

aseemvaibhav said...

Amazing...keep writing.

Namrata said...

"you are a poet, and we didn't even know it"... amazing girl

Unknown said...

Hum sub aapko hamesha yad rakhenge ma'am. Kabhi nahi bhulenge.

Unknown said...

Aapka steno hona mere liye Sabse proud ki bat hai.

Unknown said...

I am Abhay ma'am.

Poonam ABRC said...

Good one!!!!

Swati said...

Thank you Vijay

Swati said...

Thanks Chandan bhai

Swati said...

Thank you Sir

Swati said...

Dhanyawad

Swati said...

Haha thank you

Swati said...

Thank you

Shikha said...

It's ultimate Swati. Superb. Nostalgic. Marm ko chhua hai.

Unknown said...

R/men
Very nice line

Faizzz Ali said...

Zabardast swati..keep it up

Faizzz Ali said...

Zabardast swati..keep it up